कोलकाता । दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई भारी अव्यवस्था और बदइंतजामी के मामले में अब एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ आ गया है। राज्य के नए खेल मंत्री निसिथ प्रामानिक ने संकेत दिए हैं कि इस पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू की जाएगी और पीड़ित प्रशंसकों को टिकट का पैसा वापस मिलेगा। रविवार को साल्ट लेक स्टेडियम में ईस्ट बंगाल बनाम मोहन बागान के बीच आईएसएल (ISL) डर्बी मैच देखने पहुंचे खेल मंत्री ने साफ कर दिया कि “मेस्सी कांड” की फाइल को दोबारा खोला जा रहा है।
खेल मंत्री ने फुटबॉल प्रशंसकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि जो लोग अपनी गाढ़ी कमाई खर्च कर मैच देखने आए थे और अव्यवस्था के कारण अपमानित होकर लौटे, उन्हें उनका पैसा हर हाल में वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी चेहरों की पहचान की जाएगी और संबंधित आयोजक एजेंसियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। मंत्री ने आयोजन करने वाली एजेंसी को साफ निर्देश दिया है कि वे सभी प्रभावित दर्शकों को रिफंड जारी करें, और जरूरत पड़ने पर खेल मंत्रालय भी इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा।
जांच और रिफंड प्रक्रिया के साथ ही खेल मंत्री ने स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के पास लगी एक विवादित मूर्ति को भी वहां से हटाने की बात कही है। खेल मंत्री के मुताबिक, यह मूर्ति स्टेडियम के खेल भावना और वहां के माहौल के अनुकूल नहीं है। अब इस पूरे घटनाक्रम में खेल मंत्रालय की नई जांच और रिफंड प्रक्रिया पर हर किसी की नजर बनी हुई है, खासकर उन हजारों फुटबॉल फैंस की जो इस बड़े आयोजन में कुप्रबंधन का शिकार हुए थे।

















